"बुद्ध से जानें अपने गरीबी का कारण"
सभी सम्मानित साथियों को सूरज कुमार भारती के तरफ़ से नमो बुद्धाय जय भीम दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम भगवान बुद्ध के रोचक कहानी सुनेंगे और कुछ अपने जीवन के लिए प्रेरणा हासिल करेंगे...
एक बार एक गरीब अपने जीवन से परेशान हो चुका था क्योंकि उसे अपने जीवन को चलाने के लिए भीख मांगना पड़ता था उसे हर एक चीज़ के लिए भीख मांगना पड़ता था इसी बात को लेकर वह दुखी रहता था..और यही सोचता था की उसके जीवन में बदलाव कैसा आयेगा यह सोचकर वह निराश जाता वह हर दिन देखता बहुत सारे निराश लोग आंखो में आंसु लिए और विभिन्न चिंतावो से परेशान गौतम बुद्ध के तरफ़ जाते और वापस लौटते समय वह लोग बहुत खुश होते थें वह भिखारी यह नहीं समझ पा रहा था की गौतम बुद्ध उन लोगों के साथ यैसा क्या करते थें उन लोगो के हाथों में ना तो ढेर सारे पैसे होते होते थें।और ना ही सोने चांदी तो फिर ऐसा क्या होता था की बुद्ध के पास से लौटते वक्त लोग इतना खुश हो जाते थें यह सब सोचकर वह भिखारी भी निर्णय लेता है की वह भी महात्मा बुद्ध के पास जायेगा और देखेगा की ऐसा क्या हो रहा की दुःखी लोग उनके पास जाकर इतने खुश हो जाते हैं।वह बुद्ध से मिलने के लिए उनके पास चल पड़ा जहा बुद्ध मौजूद थे, वहा बहुत लंबी लाइन लगी थी वह भिखारी भी लाइन में लगा गया और लाइन में लगकर अपने पारी का इंतजार करने लगा। देखते ही देखते उसकी बारी आई और वह बुद्ध से कहा बुद्ध मैं बहुत ही गरीब हूं..मेरे पास कुछ भी नही है मुझे अपना जीवन के लिए भी दूसरे से भीख मांगनी पड़ती है। अब आप ही बताइए की मै अपने जीवन कैसे बेहतर बना सकता यह सब सुनकर बुद्ध ने कहा तुम गरीब नही हो तुम्हे ऐसा लगता है क्योंकि आज तक कभी तुमने किसी के लिए कुछ भी अच्छा नहीं किया.. नाही कभी किसी को दान दिया ..नाही किसी के लिए कुछ किया यह सब सुनकर भिखारी के मन में एक आशंका जाग उठी अपनी आशंका को दूर करने के लिए भिकारी ने पूछा मैं तो एक भिकारी हूं । मैं लोगो को दान कैसे दें सकता हूं और कैसे लोगों की सहायता कर सकता हूं मुझे तो ख़ुद अपना जीवन चलाने के लिए दुसरो से भीख मांगना पड़ता है। यह सब सुनने के बाद गौतम बुद्ध कुछ देर तक चुप रहें और फिर उससे बोलें तुम्हारे पास हाथ है .. जिससे तुम लोगो की सेवा में लगा सकते हों और दूसरों का भला कर सकते हो इसके अलावा तुम्हारे पास मुंह है जिससे तुम लोगो से अच्छी अच्छी बातें कर सकते हो और दूसरों का होंसला बढ़ा सकते हो। यह सब करके तुम दूसरो को सहायता कर सकते हों जरूरी नहीं की दान सिर्फ पैसे से किया जाय हम चाहे तो शिक्षा का भी दान कर सकते है। हम चाहें तो अन्न का भी दान कर सकते है..यदि आपको पूर्णता शरीर मिला है तो वह गरीब नही है बस उसका दिमाग गरीब है उसे इस विचार से हठ कर दूसरों के सेवा में लगाना चाहिए। बुद्ध की यह बातें सुनने ने बाद वह भिखारी बहुत ही ज्यादा खुश हो गया और अब उसका मन संतुष्ट था । उसने वही बुद्ध के सामने निर्णय लिया। की आज के बाद वह भीख मांगना छोड़ देगा और कुछ ना कुछ अच्छा काम करेगा। 🌺🌺💐🍀🌿☸️🙏🪔
... दोस्तों हम सब इस बात की चिंता में समय बर्बाद करते है की हम सब गरीब है लेकिन यह सत्य तो है हम की जब तक हमारा शरीर पूरी तरह से बेहतर है तो हम उसका उपयोग करके आगे है और खुद के जीवन को बेहतर बना सकते है अगर कोई व्यक्ति सिर्फ अपनी गरीबी पर ध्यान दें और उसे बदलने को कोशिश ना करे तो वह मूर्ख है इसके अलावा हमें इस कहानी से यही भी सिख मिलती है की दान सिर्फ धन का नही शिक्षा भोजन अच्छे विचार आदि का भी किया जा सकता है..☸️💐
..नमो बुद्धाय जय भीम..🙏
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