संदेश

दिसंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

तथागत गौतम बुद्ध से सीखिए क्षमा करना?

चित्र
सभी सम्मानित साथियों को नमो बुद्धाय जय भीम हम आपको आज के इस ब्लॉग मे भगवान गौतम बुद्ध से जुड़ी एक प्रेरणा दायक कहानी के बारें में बताएंगे और कुछ ज्ञान प्राप्त करेंगे...🌺🙏💐 .. एक बार की बात है एक इंसान भगवान गौतम बुद्ध के ऊपर बहुत ही ज्यादा क्रोधित हो जाता है।उसे इतना गुस्सा आ रहा होता है की उसे खुद नही पता की आज वह क्या कर देगा , उसके गुस्से का कारण यह था की उसके तीनों ही बेटें गौतम बुद्ध के सरण में आ चूके है गौतम बुद्ध के शिष्य बनने के बाद उसके तीनों बेटें अपना सारा समय योग ध्यान और उपदेष आदि में निकालते थें। उस इंसान को इस बात की चिंता होती थी की उसके बाद उसका व्यापार कौन संभालेगा ,उसने इतनी रात दिन मेहनत करके इतना बड़ा व्यापार खड़ा किया है आखिर उसे कौन संभालेगा इस बारे में सोचकर वह इतना ज्यादा क्रोधित हो जाता है,की वह सीधा चला जाता गौतम बुद्ध के दरबार में अब वह दरबार में पहुंचता है तो उसकी नजर जाती गौतम बुद्ध के तरफ गौतम बुद्ध का शांति भरा चेहरा देखकर उसका आधा गुस्सा तो वही खतम हो जाता है । क्योंकि वह घर से सोचकर आया था की वह आज कुछ ना तो कुछ करेगा जरूर, आज गौतम बुद्ध को सबक सिख...

तथागत बुद्ध नें जब बताया मन क्यों अशांत रहता है!मन को शांत कैसे करें?

चित्र
दोस्तों हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है आज की इस सुंदर से ब्लॉग मे हम आपको भगवान बुद्ध से जुड़ी कहानी को बताएंगे और कुछ सिख जीवन के लिए प्राप्त करेंगे कहानी अच्छी लगेगी तो शेयर जरूर करें🙏🙏 ..एक समय की बात है एक दिन तथागत गौतम बुद्ध अपने शिष्यों को उपदेश दे रहे थे।तभी एक शिष्य उठकर बोला बुद्ध क्या हर दुःख का निवारण किया जा सकता है बुद्ध बोले यह सत्य है की हर दुःख का निवारण किया जा सकता है इसी संदर्भ में मैं तुम्हे एक कथा सुनाता हूं। एक सेठ का नौकर लंबे समय से उसके पास रहकर उसकी सेवा करता था ,वह बड़ा ईमानदार था साफ सफाई का पूरा ध्यान रखता था इसलिए सेठ जी उससे बहुत पसंद रहा करते थें। एक दिन जब शाम को सेठ जी घर आएं तो देखा की उनकी पुरानी दीवार घड़ी टूटी हुई है, उन्होंने नौकर को बुलाकर पूछा यह घड़ी कैसे टूट गईं नौकर बोला मालिक मैं सफाई कर रहा था तभी घड़ी हाथ से छुट गई गलती मेरी है आप मुझे क्षमा करें,सेठ तेज आवाज़ में बोला क्षमा मांगने से क्या होता है? घड़ी वर्षों से कमरे में लगी थी कमरें की सोभा थी और तुम्हें पता ही है यह मुझे कितनी प्रिय थी । डांटने के अलावा सेठ जी और कर भी क्या सकते थें ...

"भगवान बुद्ध की इस कहानी को सुनकर आप अपनी कीमत समझ जायेंगे"

चित्र
  सभी प्यारे सम्मानित साथियों को सूरज कुमार भारती के तरफ़ से नमो बुद्धाय जय भीम साथियों आज की इस सुंदर से ब्लॉग में हम आपको भगवान बुद्ध से जुड़ी कहानी को पढ़ेंगे और अपने जीवन के बदलाव खातिर कुछ शिक्षा ज्ञान प्राप्त करेंगे....🙏🌺💐 ....एक बार की बात है एक आदमी महात्मा बुद्ध के पास पहुंचा उसने बुद्ध से पूछा  बुद्ध मुझे यह जीवन क्यों मिला है? इतनी बड़ी दुनिया में मेरी क्या कीमत है? बुद्ध  उसकी बात सुनकर मुस्कराए और उसे एक चमकीला पत्थर देते हुए बोलें, जाओ पहले इस पत्थर का मूल्य पता करके आओ पर ध्यान रहें इसे बेचना नहीं है, सिर्फ मूल्य पता करना है।वह आदमी उस पत्थर को लेकर एक आम बेचने वाले आदमी के पास पहुंचा।  उसे पत्थर दिखाते हुए बोला इस पत्थर की क्या कीमत होगी आम वाला आदमी पत्थर की चमक को देखकर समझ गया निश्चित कोई यह कीमती पत्थर है , लेकिन वह बनावटी आवाज में बोला देखने में तो यह कुछ ख़ास नहीं लगता पर मैं इसके बदले दस आम दें सकता हूं ।वह आदमी आगे बढ़ गया सामने एक सब्जी वाला था उसने उससे पत्थर का दाम पूछा सब्जी वाला बोला मैं इसके बदले एक बोरी आलू दे सकता हूं आदमी आगे चल पड...

"बुद्ध से जानें अपने गरीबी का कारण"

चित्र
 सभी सम्मानित साथियों को सूरज कुमार भारती के तरफ़ से  नमो बुद्धाय जय भीम दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम भगवान बुद्ध के रोचक कहानी सुनेंगे और कुछ अपने जीवन के लिए प्रेरणा हासिल करेंगे... एक बार एक गरीब अपने जीवन से परेशान हो चुका था क्योंकि उसे अपने जीवन को चलाने के लिए भीख मांगना पड़ता था उसे हर एक चीज़ के लिए भीख मांगना पड़ता था इसी बात को लेकर वह दुखी रहता था..और यही सोचता था की उसके जीवन में बदलाव कैसा  आयेगा यह सोचकर वह निराश जाता वह हर दिन देखता बहुत सारे निराश लोग आंखो में आंसु लिए और विभिन्न चिंतावो से परेशान गौतम बुद्ध के तरफ़ जाते और वापस लौटते समय वह लोग बहुत खुश होते थें वह भिखारी यह नहीं समझ पा रहा था की गौतम बुद्ध उन लोगों के साथ यैसा क्या करते थें उन लोगो के हाथों में ना तो ढेर सारे पैसे होते होते थें।और ना ही  सोने चांदी तो फिर ऐसा क्या होता था की बुद्ध के पास से लौटते वक्त लोग  इतना खुश हो जाते थें यह सब सोचकर वह भिखारी भी निर्णय लेता है की वह भी महात्मा बुद्ध के पास जायेगा और देखेगा की ऐसा क्या हो रहा की दुःखी लोग उनके पास जाकर इतने खुश हो जाते ह...