भारत का सबसे शक्तिशाली बौद्ध सम्राट।

प्रियदर्शी अशोक सम्राट
नमस्कार दोस्तों हमारे इस ब्लॉग में आप सभी का स्वागत है आज हम जानेंगे सम्राट अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य के बारे में कुछ ऐतिहासिक बातें, आप लोगों ने तो सुना होगा प्राचीन समय में भारत सोने की चिड़िया थी। लेकिन आप लोग क्या जानते हैं भारत का शक्तिशाली और वीर पराक्रमी शासक कौन था तो आइए जानते हैं मौर्य वंश के दो महान शासक सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य और प्रियदर्शी सम्राट अशोक अभी तक के समय का सबसे शक्तिशाली शासक साबित हुए हैं मौर्य वंश की स्थापना सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य ने की थी और वही भारत के सबसे पहले राजा थे और भारत को जो अलग-अलग खंडों में बांटा था उन्हें एक एक कर जीते चले गए और अखंड भारत का निर्माण किया और खुद को अखंड भारत का सम्राट साबित किया उनका साम्राज्य 5000000 वर्ग किलोमीटर में फैला था और खास बात यह है कि इन दोनों सम्राटों को युद्ध भूमि में पराजित करने की क्षमता भारत के किसी राजा में नहीं थी, जानिए मोर वंश के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य के बारे में कुछ बातें चंद्रगुप्त मौर्य सम्राट अशोक के दादा थे शासन केवल साम्राज्य विस्तार से नहीं होता अगर ऐसा होता तो सिकंदर सबसे शक्तिशाली राजा होता, राजा का पहला कर्तव्य जनमत हिताय जनमत सुखाय होता है और इसी का पालन चंद्रगुप्त मौर्य ने किया था और इसका श्रेय हमेशा चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु चाणक्य को जाता है चाणक्य की नीति यह थी कि आपका शासन केवल विस्तार पर नहीं टिक सकता स्थिरता भी उतनी ही चाहिए उस शासन में चंद्रगुप्त मौर्य के वक्त भारत का विस्तार बहुत ज्यादा हुआ था और भारत के जो भी छोटे छोटे राजा थे उन सभी को चंद्रगुप्त मौर्य ने जीतकर अखंड भारत का निर्माण किया था मौर्य वंश समराज को हम मगध के नाम से जानते हैं और मगध भारत का सबसे शक्तिशाली राज्य था।और मगध की राजधानी पाटलिपुत्र थी जो सबसे बड़ा शहर था वैसे आधुनिक समय में मगध का नाम और वर्तमान समय में बिहार है और पाटलिपुत्र का अब नाम पटना है, चंद्रगुप्त मौर्य कलिंग के युद्ध को जीत सकते थे लेकिन उन्हें पता था खून बहाने के बाद मिला साम्राज्य शासन कोई काम नहीं आता इसलिए चंद्रगुप्त मौर्य ने कभी कलिंग पर जीत हासिल नहीं कर पाए जो करना चाहते थे चलिए समझते हैं थोड़ा और इनके बारे में कि भारत का सबसे शक्तिशाली शासक सम्राट अशोक थे अशोक ने कलिंग विजय के साथ इस मोरवन साम्राज्य को विस्तृत किया कलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ अनेकों घायल पुरुष महिलाएं बिलखते परिवार उनके गांव दर्द को देखकर सम्राट अशोक ने बहुत बड़ा निर्णय लिया वह भगवान बुद्ध के शरण में चले गए उन्होंने बौद्ध धर्म स्वीकार और बौद्ध धर्म प्रचार प्रसार हेतु विश्व के कई देशों में अपने धर्म प्रचारक भेजें और भगवान बुद्ध से प्रेरित होकर उन्होंने शांति का मार्ग अपनाकर 84000 स्तूप का निर्माण भारत में कराया सम्राट अशोक साम्राज्य की महत्वाकांक्षा काफी हद तक पूर्ण हो गई थी वह अब तक सबसे शक्तिशाली और पराक्रमी शासक कह जाते हैं उनका साम्राज्य विश्व भर में फैला था।

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