तथागत गौतम बुद्ध से सीखिए क्षमा करना?

सभी सम्मानित साथियों को नमो बुद्धाय जय भीम हम आपको आज के इस ब्लॉग मे भगवान गौतम बुद्ध से जुड़ी एक प्रेरणा दायक कहानी के बारें में बताएंगे और कुछ ज्ञान प्राप्त करेंगे...🌺🙏💐



..एक बार की बात है एक इंसान भगवान गौतम बुद्ध के ऊपर बहुत ही ज्यादा क्रोधित हो जाता है।उसे इतना गुस्सा आ रहा होता है की उसे खुद नही पता की आज वह क्या कर देगा , उसके गुस्से का कारण यह था की उसके तीनों ही बेटें गौतम बुद्ध के सरण में आ चूके है गौतम बुद्ध के शिष्य बनने के बाद उसके तीनों बेटें अपना सारा समय योग ध्यान और उपदेष आदि में निकालते थें। उस इंसान को इस बात की चिंता होती थी की उसके बाद उसका व्यापार कौन संभालेगा ,उसने इतनी रात दिन मेहनत करके इतना बड़ा व्यापार खड़ा किया है आखिर उसे कौन संभालेगा इस बारे में सोचकर वह इतना ज्यादा क्रोधित हो जाता है,की वह सीधा चला जाता गौतम बुद्ध के दरबार में अब वह दरबार में पहुंचता है तो उसकी नजर जाती गौतम बुद्ध के तरफ गौतम बुद्ध का शांति भरा चेहरा देखकर उसका आधा गुस्सा तो वही खतम हो जाता है । क्योंकि वह घर से सोचकर आया था की वह आज कुछ ना तो कुछ करेगा जरूर, आज गौतम बुद्ध को सबक सिखाकर ही रहेगा वह गौतम बुद्ध के सामने जाता है गौतम बुद्ध ध्यान कर रहें होते है उनकी आंखें बंद होती , इसलिए उनके सामने जाकर खड़ा हो जाता है। अब उसे अंदर से गुस्सा आ रहा होता है लेकिन लेकिन उसे यह नहीं सूझ रहा था की अब वह क्या करेगा,जब थोड़ी देर तक समक्ष नही आया की उनके सात क्या करें ?तो वह गुस्से में आकर बुद्ध के ऊपर थूक देता है ,अब वह इंसान तो थूक देता ।बुद्ध के पास जो शिष्य होते है वह सब देखकर आग बबूला हो जाते है की हमारे गुरु के ऊपर थूक दिया इसकी इतनी हिम्मत यह है कौन आदमी जो इतनी बड़ी हरकत कर दी ।अब गौतम बुद्ध धीरे धीरे अपनी आंखे खोलते है ,तो वह थोड़ा सा भी क्रोधित नही होतें बल्कि इसकी जगह वह मुस्करा रहें होते है , अब वह इंसान क्या देखता है , वो देखता है की गौतम बुद्ध मुस्कराता हुआ चेहरा ,अब वह इंसान इंतजार कर रहा होता की गौतम बुद्ध और उकने शिष्य कुछ बोलेंगे ,पर गौतम बुद्ध तो कुछ नहीं बोलते और उनके शिष्यो की मजाल नही है गौतम बुद्ध के सामने किसी पर गुस्सा कर सकें ,अब वह इंसान देर तक खड़ा-खड़ा यह देखता है की कोई कुछ बोलेंगे कोई कुछ तो बोलेगा लेकिन की कोई कुछ नही बोलता ,और गौतम बुद्ध भी उसके तरफ देखकर शांति से मुस्करा रहें होते है जब कोई कुछ नही बोलता, और गौतम बुद्ध भी उसके तरफ़ देखकर शांति से मुस्करा रहें होते,जब कोई कुछ नही बोलता तो वह गुस्से में अपने घर आ जाता है । अब घर आने के बाद उसके दिमाक में सिर्फ गौतम बुद्ध का मुस्कराता हुआ चेहरा ही घूमता है और जब रात होती है तो उसे नींद नहीं आती अब उसे पश्चाताप होना शुरू हो जाता है की आज मैंने बहुत ही बड़ा अपराध कर दिया वह तो एक महात्मा है, और मैंने महात्मा के मुख पर थूक दिया वो सोचता है की मै कल उनके दरबार मैं जाऊंगा और उनके चरणों में गिरकर क्षमा मांगुगा अपने अपराध बोझ के कारण उसे पुरी रात नींद नहि आयी और अगली सुबह होते ही वह निकल पड़ता है वहा जाकर वह देखता है ना तो वहा गौतम बुद्ध है थें और ना ही उनके शिष्य समुदाय वह पूछते पूछते उस गांव में पहुंच जाता है जहां आज गौतम बुद्ध का नया दरबार लगा हुआ था जब वह गौतम बुद्ध के चरणों में गिरकर क्षमा मांगता है जब बुद्ध बोलते है तो सारे शिष्य हैरान हो जाते है की गौतम बुद्ध ने ऐसा क्या बोल दीया?? बुद्ध बोलते है भाई मैं तुम्हे क्षमा नहीं कर सकता ,और इन्सान बोलता है महराज मुझे क्षमा कर दीजिए मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई मुझे पुरी जिंदगी पछतावा रहेगा की अपनी इस गलती का।आप कृपा करके मुझे क्षमा कर दीजिए गौतम बुद्ध दोबारा बोलते है अरे भाई मैं तुम्हे क्षमा नहीं कर सकता बोल दिया ना। अब वह इंसान सोचता है की मैंने इतना बड़ा अपराध कर दिया की अब महात्मा भी क्षमा नहीं कर सकते और  शिष्य भी हैरान हो जाते है , क्योंकि गौतम बुद्ध अपनी पूरी जिंदगी में कभी क्रोध नहीं नाही किसी को बुरा गलत बोला और हमेशा सबको माफ कर दिया चाहे कितनी भी बड़ी गलती की हो पर इस इंसान को बोल रहें है की मै तुम्हे क्षमा नहीं कर सकता। अब उनका शिष्य आनंद पूछ ही लेता है गौतम बुद्ध से वह पूछता भंते आपने आज तक सभी सबको क्षमा कर दिया अपनी जिंदगी में तो इसे भी क्षमा कर दीजिए इसे अपनी पछतावा है । बुद्ध बोलते है की मै इसे क्षमा कैसे कर सकता हूं जब इसने कोई गलती की ही नहीं है,अब वह इन्सान बोलता है अरे परभू मैं कल आया था आपके दरबार जब आप ध्यान कर रहे थे।और मुझसे एक बहुत बड़ी गलती हो गई थी की मेने गुस्से आपके मुख पर थूक दिया था ।अब गौतम बुद्ध बोलते है भाई फीलाल अभी तो वह इंसान मुझे दिखा नही रहा जब वह इंसान मेरे सामने आएगा तो मैं उसे बोल दूंगा की कोई आया था क्षमा मांगने तुम्हारे लिए अब वह इंसान जिसने मुख पर थूका था वह इतना हैरान रह जाता है ...।
              
                                     .. साथियों जब गौतम बुद्ध माफ किए तो उसे उस गलती का अहसास भी नही करवाया क्या हम लोग भी अपने जिन्दगी में इस तरह किसी माफ करते है बिलकुल नहीं जब हम किसी को माफ करते है तो उससे बोलते है जा माफ किया तुझे हम अहसान दिखाते है पर हम अगर माफ करना सीखें तो हम सब को सीखना चाहिए गौतम बुद्ध से की जब वह किसी को माफ करते है तो उसे उस गलती का पश्चाताप भी नही कराते  पर हम सामने वाले को बार बार यह अहसान दिखाते हैं की तूने कुछ गलत किया था मैं तुझे माफ कर दिया हम सामने वाले को परेशान कर रहे है बल्कि हम अपने दीमाक पर भी उसकी गलतियों को बार बार दोहरा रहें होते हैं  जिससे परेशान हम खुद भी होंगे क्यों की हो सकता है की अपनी सब्दो से माफ कर सकते हैं लेकिन हम उसकी गलती को अपने दिमाक़ में इतनी बार दोहरा रहे है की यह हमारी अंदर बैठ चुकी होगी और उस इंसान को दिल से कभी भी क्षमा नहीं कर पाएंगे हम सबको कहना करना चाहिए तो गौतम बुद्ध की तरह ।
           
                                                   धन्यवाद...🙏💐🌺

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