समाज के युवा।।

 


जय भीम नमो बुद्धाय...


समय कोई भी रहा हो सामाजिक आध्यात्मिक तक की पगडंडी राह युवा ने ही बनाई है हिमालय की ऊंचाई और सागर की गहराई को नापने का साहस दीवाने ही दिखाया है।

अतीत इस बात का सबसे बड़ा गवाह है कि जब भी किसी समाज देश अथवा युग में बदलाव की आवश्यकता और ललक पैदा हुई है तब उस काल की युवा पीढ़ी ने आगे बढ़कर अपना बलिदान दिया है भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का प्रत्येक पृष्ठ ऐसे ही गाथाओं से भरा पड़ा है।

दुनिया में जो भी परिवर्तन बदलाव आए हैं उनमें युवाओं की अपनी भूमिका रही है अगर कहां जाएगी युवा ही परिवर्तन बदला निर्माण रचना संघर्ष साधना का मार्ग प्रस्तुत करता है तो यह कदापि अतिशयोक्ति नहीं बल्कि यह सत्य है। सामाजिक राजनीतिक सांस्कृतिक आर्थिक धार्मिक आध्यात्मिक कोई भी परिवर्तन एवं निर्माण उसके पीछे युवा ही महत्वपूर्ण भागीदारी है। युवाओं ने ही आज तक नए मार्ग खोले हैं युवा करवट लेता है तभी नए रास्ते खुलते हैं युवा एक सकती है दुनिया में हुए किसी भी प्रकार के परिवर्तन में युवा ही आगे रहा है वह परिवर्तन का वाहक है युवा के चारों ओर ही परिवर्तन बदलाव रचना निर्माण संघर्ष साधना रहती है। प्रत्येक क्षेत्र में युवा की भूमिका देखी जा सकती है दुनिया के प्रारंभ से ही युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। युवा ही परिवर्तन में प्रासंगिक एवं कारगर है कोई भी परिवर्तन युवा ही कर सकता है युवा ही ऐसी आयु है इसमें किसी भी राहत की न्यू रखने का माझा होता है।


वह अपना रास्ता तो निश्चित कर उसको पाने का प्रयास करता है युवा का समाज के प्रति विशेष उत्तरदायित्व है समाज की सब की गति युवाओं पर निर्भर है युवा समाज का दर्पण है किसी समाज के युवाओं को देखकर उसके भविष्य का खाका खींचा जा सकता है किसी भी समाज के भविष्य को जानना है तो उसकी युवा पुरुषों को जानना समझना होगा युवा समाज की नब्ज होता है जिसे देखकर उसकी समाज की हालत समझी जा सकती है की क्या होगी संख्या की दृष्टि से भी समाज में युवा बड़ी तादाद में है।

मानवी सत्य और सील के उत्कर्ष के लिए उम्र कोई कसूर नहीं है हमारे पूर्वजों ने साधारण कम उम्र में ही बड़े-बड़े काम कर दिखाए हैं प्रत्येक क्षेत्र में अपने कार्यों से प्रकाश स्तंभ मानव संपदा किए हैं नए द्वार खुले हैं नई मान्यताएं और परंपराएं स्थापित की हैं किसी भी महान व्यक्ति के जीवन को देखें तो आमतौर पर पाएंगे कि युवा पल में ही उन्होंने जीवन की ऊंचाइयों की ओर बढ़ना शुरू किया छोटी उम्र से ही उन्होंने जीवन का न्यू मजबूत करनी शुरू की उदाहरण के तौर पर स्वामी विवेकानंद, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ऐसे बहुत भारत में जन्मे महान पुरुष जो अपने युवा अवस्था में ही बड़े-बड़े करना में कर दिखाए हैं।



छोटी सी उम्र में ही अपने जीवन का अध्ययन लक्ष्य उद्देश्य देखा और उस और कदम उठाकर सफलता प्राप्त की एक लव जब युवक थे तभी धनुर्विद्या में स्वता दक्षता प्राप्त कर एक चुनौती बने गए थे बिना साधन के जंगल में एक आग्रह तपस्या तब कठोर परिश्रम के बल पर उन्होंने धनुष बाण को साधा था उन्होंने धनुर्विद्या में जो प्रकरण पैदा किया वह अद्भुत कौशल का काम था चंद्रगुप्त मौर्य ने जवानी में एक नए महान समाज की स्थापना कर डाली।


महावीर स्वामी यौवन के शिखर पर ही परम अर्हत गए थे भगवान बुद्ध ने पर में ज्ञान प्राप्त कर प्रकाश सारे संसार में फैलाया तब विवाहित हैं जयप्रकाश भगत सिंह खुदीराम बोस चंद्रशेखर आजाद रामप्रसाद बिस्मिल उधम सिंह चढ़ाव के बिरसा मुंडा ज्योतिबा फुले सावित्रीबाई दृष्टांत जा सकते हैं कि भारत के युवाओं उत्कर्ष गौरव के लिए अपना पुरुषार्थ है तथा अनुभव दक्षता प्राप्त की है इन सब उदाहरणों के बाद हमको युवाओं की भूमिका को सहायता से स्वीकार करना ही होगा।
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