भगवान बुद्ध और वर्धमान महावीर की प्रतिमा में अंतर।
नमो बुद्धाय जय भीम हम जानेंगे कि भगवान बुद्ध वर्धमान महावीर की प्रतिमाओं में क्या अंतर होता है??
हम जानेंगे कि भगवान बुद्ध और वर्धमान महावीर स्वामी की प्रतिमाओं में क्या अंतर होता है दोनों भगवानों के प्रतिमाएं ध्यान मुद्रा में बनाई जाती हैं लेकिन इन ध्यान मुद्राओं में बहुत ही सूक्ष्म अंतर हैं
. इन पांच तरीकों से भगवान बुद्ध और वर्धमान महावीर स्वामी की प्रतिमाओं को पहचानिए :-
- भगवान बुद्ध और महावीर स्वामी मे यह अंतर स्पष्ट रूप से आपको देखने को मिलेगा भगवान बुद्ध चीवर (वस्त्र) पहने दिखाईं देंगे महावीर स्वामी जी नहीं वे नग्न अवस्था में दिखाईं पड़ते हैं।
- भगवान बुद्ध और महावीर स्वामी जी के बाल एक जैसे घूंघरालू दिखलाई पड़ता है लेकिन भगवान बुद्ध के मूर्तियों में उनके कान लंबे होते जो लेकिन महावीर स्वामी जी के कान छोटे होते हैं।
- भगवान बुद्ध धम्मचक्क प्रवर्तन ध्यान मुद्रा में उनकी प्रतिमाएं बनाते समय तीन उंगलियों को दर्शाया जाता है जिसका अर्थ है प्रज्ञा सील करुणा भगवान महावीर स्वामी के मूर्तियों में यह आपको देखने को नहीं मिलेगी
- भगवान बुद्ध को कमल आसन पर बैठें दिखाया जाता है भगवान महावीर स्वामी को बहुत कम।
- भगवान महावीर स्वामी जी शरीर पर चिन्ह दर्शाया जाता है भगवान बुद्ध पर नहीं।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
If you have any problem in reading the story then you can comment us.